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Posts Tagged ‘अर्णव गोस्वामीको पीटा’

अबे तुम हो बच्चु, हम है चक्कू

अबे बीजेपी वालों तुम लोग अभी बच्चे हो बच्चेकुछ समज़ते नहीं.

हम तो है जैसे था बाबु चक्कू

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क्या बात है? कुछ समज़में नहीं आता है हमें तो …. कुछ ढंगसे तो बताओ … “ भारतीय जनता बोली.

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तो सूनो… “बाबु चक्कुपचाससाठके दशकमें, राजकोटका गुन्डा था. हाँ जीवही राजकोट जो सौराष्ट्र राज्यका केपीटल था.

जब शहर बना, तो शहरमें गुन्डा तो होना ही चाहिये. एक, अकेले, गुन्डेसे भी क्या होगा? उसके पास, अपनी टीम भी होना चाहिये. क्यों कि गुन्डा होना ही तो शहरकी पहेचान और शान है.

यदि कोई शहरमें  गुन्डा आदमी नहीं होता है तो पूलिसवाले गली गलीमें गुन्डेको पैदा कर देते थे. अरे भाई, हप्ता वसुली करना है तोऐसा तो कुछ करना तो पडेगा ही !!. 

इन गुन्डोंका काम था फिलमकी टीकटोंका काला बज़ारी करना, किसीकी जेब काटना और आवश्यकता पडने पर चक्कू चलाना. चक्कू से मतलब है चाकु, छूरी.

जेब कतर्रे भी कलाकार होते है, वैसे ही चक्कू चलाने वाले भी कलाकार होते है.

कलाकार से क्या मतलब है?

मान लो कि कोई एक व्यक्ति कलाकार है,

कलाकार व्यक्ति जब, अपने कामका  प्रारंभ करता है तो उस कामको पूरा होनेमें कुछ समय तो लगता ही है. तब तक आपको पता चलता नहीं है कि वह व्यक्ति क्या बना रहा है. फिर धीरे धीरे आपको पता चलता जाता है कि उसने नाव का चित्र बनाया है या चूहेका चित्र.

अरे भैया, मैं वह विश्वकर्माजीने बनाये कलाकारके बारेमें नहीं पूछता हूँ. मैं तो चक्कू चलानेवाले कलाकारके बारेमें पूछ रहा हूँ?

मैं उसी कलाकारके विषय पर आता हूँ. ये विश्वकर्माके कलाकारकी कृतिका तो आप, पूर्वानुमान (अहेसास) लगा सकते है. लेकिन जेबकतरे कलाकार ने तो कब अपनी कला दिखाई, वह आपको पता ही नहीं चलता है. जब आप अपनी जेबमें हाथ डालते है तब ही आपको पता चलता है किपैसेका पर्सआपकी जेबमें नहीं है. … चक्कू चलानेवाला ऐसे चक्कू मारके अदृष्य हो जाता है कि जब आपका पेन्ट लहूसे तर बर हो जाता है और आहिस्ता आहिस्ता दर्द बढने लगता है तब आपको पता चल जाता है कि कोई आपको चक्कू मारके चला गया. इस क्रिया कोस्टेबींगकहा जाता है.

आपको पता होगा कि २००२के दंगेका आरंभ कैसे हुआ था.

“ल्यानत है हम पर” कोंगीयोंने सोचा

बात ऐसी थी कि नरेन्द्र मोदी नये नये मुख्यमंत्री बने थे. उन्होंने बात बातमें कह दिया किबीजेपीके शासन कालसे गुजरातमें दंगा होना बंद हो गया है. … “

यह बात जब कोंगीयोंके कर्णोंमें  (कानमें) पडी तो उनके कर्णयुग्म श्वानके कर्णयुग्मकी तरह ऊचे हो गये. वे अपना दिमाग लगाने लगे. यह क्या बात हुई!! हमारे होते हुए भी कभी क्या ऐसा हो सकता है, कि दंगे हो? ल्यानत है हम पर.

गोधराके स्थानिक कोंगीनेताने बीडा उठाया. और साबरमती एक्सप्रेसके दो डीब्बोंको हिन्दु मुसाफिरों सहित जला दिया.

वजह क्या थी?

वजह यह थी कि वे अयोध्यासे रहे थे जहां दश वर्ष पहेले एक मस्जिदको तोड दिया था.   

लेकिन उसका बदला तो मुस्लिमोंने मुंबईमें अनेक बंब ब्लास्ट करके हजारोंको मारके ले लिया थाअब काहेका बदला …!! “ जनताने पूछा.

अरे भाई हम मुसलमान हैहमारा हर मुसलमान, हर जगह बदला लेगा. हमें क्या सोच रक्खा है तुम लोगोंने? हम पर, इन दशानन कोंगीयोंके बीस हाथोंका आशिर्वाद है…. अयोध्या तो एक बहाना था…  मोदी ऐसा बोल ही कैसे सकता है कि बीजेपीके शासन में दंगा नहीं हो सकता. … चापलुस कहींकाहमने दिखादिया …  !!!” कट्टरवादी कोंगी मुस्लिम  बोला.

अरे भाई कोंगी !! तुम्हे क्या कहेना है?”बीजेपीने पूछा.

अबे, बीजेपी बच्चु, हम तो मुस्लिमोंकी पार्टी है. हम उनके खाविंद है और वे हमारे आका है. हमारा और उनका गज़बका है रिश्ता !! तुम क्या जानो हमारे रिश्तोंको !!

हम सब एक है. हम दो ही नहीं है. हम अनेक है. हमारे पास गोदीमीडीया है, हमारे पास गोदीअर्थशास्त्री लोग है, हमारे पास गोदीलेखकगण है, हमारे पास गोदी आतंकवादी है, हमारे पास गोदी अर्बन नक्सल है, हमारे पास गोदी पक्षधर भी है. तुमने देखलिया हमने उद्धव को उसके पक्षके साथ कैसे हमारी गोदमें बैठा लिया !!

तुम भी तो किसीकी गोदमें बैठे होउसका क्या …?” बीजेपी बोला.

तो क्या हुआ? हम तो किसीकी भी गोदमें बैठ जाते हैदुश्मनको दोस्त बनाना हमे आता हैचाहे वह देशका दुश्मन ही क्यूँ हो … !!! समज़े समज़े !! … तुम बीजेपी वाले तो बच्चू ही रहोगे. कभी चक्कू नहीं बन पाओगे…” कोंगीने बोला.

इस लिये तो तुम संसदमें ४०० बैठक्मेंसे ४०में सीमट गयेदेश भी तुम्हारे करतूत जान गया है…” बीजेपीने कोंगीको बताया.

अबे बीजेपी … !!! तुम तो बच्चू का बच्चू ही रहोगे. तुम किताबी बातें करते रहो और बच्चू ही बने रहो…” कोंगी बोला.

फिर कोंगी ने अपना पर्दा फास किया ;अबे बीजेपी, तुम तो ढक्कन हो ढक्कन …  तुम हमें क्या समज़ते हो? अबे ढक्कन, यदि हम संसदमें शून्य भी हो गये तो क्या हार मान जायेंगे? अबे बीजेपी बुद्धु, हम संसदके बाहर तो हजारगुना ताकतवर है….

तुम्हारे मोदीने विमुद्रीकरण कर दियालेकिन तुमने देखलियाने हमने, उसको समज़नेमें, जनताको कैसा गुमराह कर दिया

हमने तुम्हारे सी... और सी.आर.सी ही नहीं तुम्हारे सी.आर. पी को भी आंतर्राष्ट्रीय  मुद्दा बनाके तुम्हे बदनाम कर दिया

किसी भी मीडीया कर्मीकी औकात नहीं थी कि वहनहेरुलियाकत अली समज़ौता को याद करके हमे  विरोधाभाषी कहें !!

हमने मुस्लिमोंको बहेकाके, तुम्हारे शिर पर मत्स्य प्रक्षालन कर ही लिया !!! ऐसा तो हम करते ही रहेंगे !

अबे बच्चूहमने मुस्लिमोंको तो, भ्रमित ही नहीं अंधा भी कर दिया है. वे तुमसे हजारो मील दूर हो गये है.

हमारी गोदीमीडीयाकी ताकतको समज़ने की तुम्हारी औकात नहीं है. हमारी गोदमें तो हार्वडमें से पैदा हुए निष्णात बैठे है. वे हमारे पोपट है पोपट …  और यहांके अधिकतम मीडीयामूर्धन्य तो पहेलेसे ही हमारी गोदीमें है !

तुम जरा याद रक्खो  … यदि हम संसदमें शून्य  जाय, तो भी हमारी ताकत तो बनी ही रहेगी. तुम हमें क्या समज़ते हो?

संसद तो हमारे लिये एक बहाना है. हमें संसदकी परवाह ही नहींहमें संविधानके प्रावधानोंकी परवाह नहीं. हमें मानव अधिकारोंकी परवाह ही नहीं.

हमने तो न्यायालयके समक्ष शपथपूर्वक बोला था कि आपात्कालमें हमारी सरकार किसीको भी गोलीसे उडा देनेका अधिकार रखती है. अबे बच्चू, तुमने कभी इस शपथ पूर्वक कहे कथन पर हमारी बुराई की?

तुम क्या हमारी बुराई करोगे!!  तुम तोब्युरीडानके गधे हो. [ब्युरीडान के पास एक गधा था. उसके पास जई के  दो समान ढेर रक्खे गये तो वहकिसको पहेले खाउं यह सोचते सोचते भूखा मर गया”]. तुम तो, हमारे कोंगीयोंकेराक्षसी कर्मोंमेंसे किसकी सबसे पहेले निंदा की जायइस पर सोचते सोचते, बुढे हो जाओगे.

सहगान

अबे बीजेपी बच्चू !! तुमने कभी सहगान किया है? अबे, तुम्हे तो यह भी मालुम नहीं होगा कि सहगान क्या होता है !

जब तुम २००४ का और २००९का चूनाव हार गये तोहमने और हमारे सांस्कृतिक साथीयोंने क्या कहा था?

हमारा हर वक्ता केवल और केवल यही बोलता था किजनताने बता दिया कि जनता कोमवादी तत्त्वोंके साथ नहीं हैजनताने कोमवादी तत्त्वोंको पराजित कर दियाजनताने दिखा दिया कि वह कोमवादी तत्त्वोंके साथ नहीं है …  जनताने धर्मनिरपेक्षता पर अपनी मोहर लगाईजनताने गोडसेकी भाषा बोलनेवालोंको नकार दियाजनताने नाज़ीवादीयों को उखाडके फैंक दिया

हमारा सहगान ऐसा होता है तुम लोगोंको तोनमस्ते नमस्ते सद वत्सले मातृभूमिके अलावा भी सहगान  होते हैं वह भी मालुम नहीं.

जूठ बोलना हमारी पहेचान

अरे बच्चू बीजेपी, हम तो जूठ बोलनेके आदि है. तुम, हमारे जूठको, मिलजुलकर सहगान से उजागर करो, ऐसे काम करनेकी क्षमता तुम लोगोंमें कहां है?

मुस्लीम लीग नामकी एक पार्टी है. इस पार्टीमें अन्यधर्मी को सदस्यता नहीं मिल सकती. ऐसी कोमवादी पार्टी के साथ गठबंधन करे हम, फिर भी हम कहे, कोमवादी तुमको …  बोलो, है मजेकी बात?

हमारा ही एक स्थानिक मुस्लिम नेता, रेल्वेकोचको हिन्दुओंके साथ जलाकर राख कर दे, और खूनका दलाली करनेवाले सिद्ध हो तुमहमारे ही मुस्लिम गुन्डे स्टेबींग का सीलसीला करके सेंकडो निर्दोष राहादारीयोंकी कत्ल करे, लेकिन मौतके सौदागरका लेबल लगे तुम पर. है हमारी कमाल?

तुम लोगोंने हमे २०१४ और २०१९के चूनावमें पराजित किया. और अब तुम सोच रहे हो कि हम कोंगी नेता लोग निर्माल्य हो जायेंगे क्यों कि हमारी सरकारी पैसा खाने की दुकानें बंद हो गई.

तुम्हारी यही सोच तो गलत है.

हमारा भू माफियाका धंधा चालु है,

हमारा हप्ता वसुलीका धंधा  चालु है,

हमारा अवैध कन्स्ट्रक्सनका धंधा चालु है,

हमारी बोलिवुडकी दुकानोंका धंधा चालु है,

हमारा ड्रग माफियाका धंधा चालु है,

हमारा अवैध शराब बनानेका और बेचनेका धंधा चालु है,

हमारा सूपारी लेनेका धंधा चालु है,

हमारे देशके बाहरके कई धंधे चालु है. तुम देखते हो , कि देशमें ही नहीं, लेकिन  तुम्हारे विदेशी दोस्त और दुश्मन देशोंमें भी हम, तुम्हारे पक्षके विरुद्ध प्रदर्शन करवाते है. हम तो निराधार मुद्दों पर भी  प्रदर्शन करवाते है.

पैसा बनाना हमारे लिये आसान धंधा है. और हमे हमारे सांस्कृतिक साथीयों पर पूरा भरोसा है. उद्धव सेनाने तुमलोगोंको कैसा ठेंगा दिखा दिया? सिखोंके संत भीन्दरानवालेको मारा था हमने, तो भी ये सिख लोग हमारे साथ है.

पैसे से क्या नहीं होता? हमारे पास विदेशोंमें बडे बडे टापु है और तुम लगे रहो स्वीस बेंक और पनामा के पीछे.

अरे हमने तो तुम्हारे पक्षमें और आर.एस.एस.में भी फर्जी आदमी लगाये है. वे सब मीथ्या विषयों पर बकवास करते रहेते है. और कुछ तुम्हारे ही बेवकुफ लोग उसी मीथ्या विषयोंको ट्रोल करके अपना समय बरबाद करते है. हमारा असली कोंग्रेससे कोई नाता नहीं, तो भी बडे बडे मूर्धन्य लोग हमे ही, असली १३५ वर्ष पूरानी कोंग्रेस मानते है. जब ऐसे मूर्धन्य लोगोंको भी, हम गुमराह कर सकते है तो तुम्हारे हितैषी लेकिन बेवकुफ लोगोंको मतिभ्रष्ट करना तो हमारे लिये बांये हाथका खेल है.

 अरे हम कोंगी लोग, यदि राज्यमें सत्ता पर जाते है तो हमारे विरोधीयों पर प्रतिशोधके बेसुमार फर्जी केस कर देते है और उनको गिरफ्तार भी करके कारावास में भेज देते हैं. तुम्हें तो अरण्य रुदन करना भी नहीं आता है. शासन कैसे किया जाता है वह तुम हमसे शिख सकते हो.

हम तो किसीको भी आधीरातको भी गिरफ्तकार कर लेते है, उतना ही उनको पीटते भी है. हमने रामदेवको पीटा था, अर्णव गोस्वामीको पीटा था, उनके स्टाफ को पीटा था. हम तो कंगना रणोतकी कमर तोड देते. शुक्र करो हमने तो केवल उसका घर ही तोडा.

ज्युडीसीयरीने हमारा क्या उखाड लिया?सुओ मोटोका शस्त्र तो ज्युडीसीयरीने तुम्हारे लिये रक्खा है बच्चू …!!! हमारे लिये नहींसमज़े समज़े …?

हम निर्भिकतासे ऐसा कैसे कर सकते है  बोलो?

अरे भैया बीजेपी, हमारे पास ऐसा नेटवर्क है कि हम साम, दाम, भेद और दंड सभीका प्रयोग कर सकते है, चाहे तुम्हारा ही शासन क्यूँ हो.

ज्युडीसीयरी क्या चीज है?

अरे भैया बीजेपी, दंडमें जान भी समाविष्ट है.

जान किसको प्यारी नहीं होती?

न्यायालय भी सोचता है किजान है तो जहाँन है’. आप मर गये फिर तो डूब गई दुनिया.

तुम लोग तो अभी शोर करते हो कि कोम्युनीस्टोंने हमारे इतने बीजेपी सदस्योंको मार डालेममता सरकारने हमारे बीजेपीके इतने सदस्योंको मार डाले ….

अबे बीजेपीतुम तो बच्चे हो बच्चे. हम तो पूलिस हिरासतमें भी हमारे विरोधीयोंको मार डालते है. श्यामाप्रसाद मुखर्जीका हमने क्या किया था?  जयप्रकास नारायण का हमने क्या किया था? जयप्रकाश नारायण तो महात्मागांधीके अनुयायी थे. लेकिन हमें क्या फर्क पडता है? हम तो महात्मा गांधीको मार देते यदि वह जिदा होता तो.

अरे बीजेपी भैया …  हम कितने चालाक है वह तो तुम क्या जान पाओगे!! हमारे सदस्य तो तुम्हारे पक्षमें भी है. हम चाहे महात्मा गांधीवादीयोंको प्रताडित करें और मार भी डाले, तो भी तुम लोग तो महात्मा गाँधीकी विरासत हमें ही देते रहोगे. क्यूँ कि हमने तुम्हारे कुछ मूर्धन्योंको भी ऐसा उलज़ा दिया है, कि वे अपने पूर्वग्रह पर अटल है कि, गांधीने नहेरुको प्रधान मंत्री बना दिया और वह भी यावत्चंद्र दिवाकरौ (जब तक सुरज चांद है तब तक के लिये) के लिये. और गांधीने ही देशका बटवारा करवाया . गांधी ही सब समस्याओंकी जड है …. तुम अपने पूर्वग्रह छोड ही नहीं सकते हो. तुम अपने पूर्वग्रहोंमें ही रममाण रहो यही तो हम चाहते है.

अरे हम तुम्हें तो क्या, सर्वोदय वादीयोंमेंसे भी कुछ लोगोंको, वैचारिक विवेकशीलतामेंसे पथभ्रष्ट कर सकते हो, तो तुम तो क्या चीज़ हो?  

 तुम्हें हमसे शिखना है. लेकिन हम तुम्हे शिखने नहीं देंगे. यदि तुम हमारी तरह प्रतिशोधका तो क्या, यदि नियम अनुसार भी हमारे लोगोंके विरुद्ध कार्यवाही करोगे, तो हमारा गोदीमीडीया और हमारे गोदी कोलमीस्ट्स, तुम बीजेपीवालोंके उपर तूट पडेंगे …  किबीजेपी लोकशाही खून कर रहा है और बेवजह ही प्रतिशोधकी कार्यवाही कर रहा है

शस्त्र होते हुए भी उलज़ा हुआ बीजेपी

शिरीष मोहनलाल दवे

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